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विश्व की बहादुर बेटी मलाला ने कुरआन के तालीमी पैगाम को दुनिया भर में फैलाया

July 12, 2014

तालीमी क्षेत्र में अलख जगाने के लिए मलाला के जन्मदिवस पर मलाला बनने का लिया संकल्प

ग्यारह वर्ष की उम्र में बच्चों के शैक्षिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली और मात्र 14 वर्ष की आयु में “न्यू नेशनल पीस प्राइज” अवार्ड़ प्राप्त पाकिस्तान के खैबर, पख्तूनख्वा प्रान्त के स्वात जिले की बहादुर बेटी, अपने तालीमी संघर्ष के लिए पुरी दुनिया में जानी जाती हैं।

                ये कहना हैं मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अधीन संचालित कमला नेहरू नगर स्थित मदरसा क्रिसेंट पब्लिक इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्रधानचार्या उम्मे कुलसूम का। जो विश्व की बहादुर बेटी मलाला युसूफ जई के 17वें जन्मदिन समारोह पर आयोजित संकल्प कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मलाला के बारें में जानकारी दे रही थी।

                प्रधानाचार्या ने जानकारी दी कि मलाला ने न सिर्फ अपनी तालीम बल्कि अन्य लड़कियों की शिक्षा को भी निरन्तर रखने के लिए, तालीम विरोधियों से कड़ा संघर्ष कर, शिक्षा की अलख जगाई। इसके लिए उसे पाकिस्तान का राष्ट्रीय युवा शांति पुरस्कार (2011), अन्तर्राष्ट्रीय बाल शान्ति पुरस्कार (2013), सखारोव पुरस्कार (2013), मैक्सिको का समानता पुरस्कार (2013), संयुक्त राष्ट्र का 2013 मानवाधिकार सम्मान (ह्यूमन राइट अवार्ड) एवं कई राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय अवार्ड़ से नवाजा गया तथा संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से प्रतिवर्ष दस नवम्बर को मलाला डे के रूप में भी घोषित किया गया।

                सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने बताया कि इस्लाम में पढाई को बड़ा महत्व दिया गया है और कुरआन की पहली आयत “इकरा” भी पढने का संदेश देती है और मलाला ने इसी पैगाम को दुनियाभर में फैलाया।

मलाला के इस सत्रवें जन्मदिन पर छात्राओं ने मलाला की तस्वीर को प्रतीकात्मक रूप से केक खिलाते हुए, “हम सब बनेंगी मलाला” नारे की उर्दू, हिन्दी व अंग्रेजी भाषा में बनी तख्तियां हाथों में थाम कर, मलाला बनने का संकल्प लिया। अंत में रमजान के इस पवित्र महिने में रोजेदार लड़कियों ने मलाला की लम्बी उम्र की दुआ की। इस संकल्प कार्यक्रम में स्कूूल अकादमिक अधिकारी बाबू खान शेख, प्रभारी फकीर मोहम्मद, पीटीआई चिन्मय जोशी, रेशमा, नगमा, अंजना, शहबाज खान, शबाना, आरिफा, तरन्नुम, भावना, उज़्मा, आबिद, तबस्सुम, गजाला, रश्मि, नीलम, सारिका, अलीफ, जेबा, अबीर सहित समस्त शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने शिर्कत की।