विद्यालय में “तालीम ए कुरआन पाक कार्यक्रम” का हुआ उद्घाटन
जोधपुर 13 अगस्त। जोनपूर के मौलाना मोहम्मद आसिफ ने इस्लामिक धार्मिक ग्रन्थ कुरआन शरीफ की आयत “सूर-ए-फातिहा” पढकर विद्यालय में “तालीम ए कुरआन पाक कार्यक्रम” का शुभारम्भ करते हुए कहा कि विश्व में करोड़ों लोगों के दिल में कुरआन पाक की तालीम से इन्सानियत, अदब, तहज़ीब, मोहब्बत के पैगाम की रोशनी से घर-घर में उजाला हो रहा हैं।
मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी के मौलाना आजाद ऑडिटोरियम में बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा राजस्थान में ये सोसायटी ऐसी पहली संस्था हैं, जहां दीनी और दुनियावी शिक्षा के साथ प्राथमिक स्तर से ही छात्र-छात्राओं को कुरआनपाक की तालीम शुरू कर दी गई हैं। ये विद्यार्थी जब आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करेगें तब साथ ही ये कुरान की शिक्षा भी पूर्ण कर चुके होगें।
यूपी आज़मगढ के मौलाना अब्दुल अज़ीम नदवी ने कहा कि कुरआन पाक कयामत तक रहने वाली एक ऐसी बेशकीमती किताब हैं जिसका मुस्लिम घरानों में अनुवाद के साथ पढ़ने का शौक बढ़ता जा रहा है। ये किताब सम्पूर्ण मानवजाति के कल्याण की किताब हैं। इसमें इतिहास, वर्तमान और भविष्य की दुनिया और आखिरत (मरने के बाद की जिन्दगी) के बारे में विस्तार से बताया गया हैं।
सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने बताया कि सोसायटी के तहत संचालित मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी में इस्लामिक स्टड़ी संकाय खोला जायेगा। वर्तमान में सोसायटी के तहत संचालित विभिन्न शैक्षिक संस्थाओं में अध्ययन कर रहे अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को एक करोड़ 15 लाख रूपयों की छात्रवृति मिली हैं।
तिलावत ए कुरआन से प्रारम्भ हुए कार्यक्रम में दीनयात प्रभारी मौलाना शाहीद हुसैन नदवी ने दीनयात विषय की रिर्पोट प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में नायब शहर काजी वाहिद अली, मौलाना बरकत अली कादरी, मौलाना असादुल्लाह नदवी, एवं जमात ए इस्लामी के मौलाना मोहम्मद अली ने कहा कि हर इन्सान को अपनी जिन्दगी को कामयाब बनाने के लिए अपने बच्चों को स्कूली शिक्षा के साथ दीनी तालीम भी दिलानी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल अजीज ने की। समारोह में उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद इस्हाक, कोषाध्यक्ष नजीर खां, प्रोफेसर मोहम्मद इरफान, हाजी अबादुल्लाह कुरैशी, मोहम्मद इस्माईल, खालिद कुरैशी, निजामुद्दीन, सलीम खिलजी, एजे खान, दीनयात सह प्रभारी जावेद शेख सहित समस्त सदस्यगण एवं दीनयात से जुड़े विद्यार्थी एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।