विश्व शांन्ति दिवस की पूर्व संध्या परमानव श्रृंखला बनाकर, हिंसा और युद्ध समाप्ति का दिया संदेश
दुनिया के चारो और अशान्ति, अराजकता, युद्ध जैसा माहौल है। जरूरत है, सभी देशों के आपसी समन्वय के साथ मदद करने व सम्बन्ध सुधारने की। ये कहना हैं प्रिन्सीपल उम्मे कुलसुम का, जो विश्व शांन्ति दिवस की पूर्व संध्या पर छात्र-छात्राओं को सम्बोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि शांति का प्रतीक अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति दिवस इक्क्ीस सितम्बर को प्रतिवर्ष पूरी दुनिया में मनाया जाता है इसके बावजूद भी इजराइल-फिलिस्तीन (सीमा विवाद), दक्षिण कोरिया-उत्तर कोरिया (सीमा विवाद), जापान-चीन (टापू विवाद), भारत-चीन (सीमा विवाद), भारत-पाक (सीमा विवाद), रसिया-यूक्रेन (भाषा विवाद) एवं अफगानिस्तान, सीरिया, इराक, लीबिया में गृहयुद्ध व पाकिस्तान में आतंकी घटनाएं, अमेरिका में श्वेत-अश्वेत भेद तथा हाल ही में हुआ ब्रिटेन-स्कॉटलैण्ड विवाद पूरे विश्व में अशान्ति का माहौल बना रहा हैं। सभी देशो को जरूरत है जातीय भेदभाव व आपसी संघर्ष को भुलाकर सहयोग व एकता का पैगाम देनी की।
इस मौके पर नन्हें-मुन्नें छात्र-छात्राओं ने मानव श्रृखंला बनाकर, शांति के प्रतीक सफेद झण्ड़ों व पोस्टर के माध्यम से “हिंसा और युद्ध समाप्ति” का संदेष दिया। इस अवसर पर संस्थान के महासचिव मोहम्मद अतीक एवं जयश्री, गज़ाला, ज़कीया, अजरा, शीरिन, उज़मा, चिन्मय जोशी, बबीता सहित समस्त शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।