हुनरमंद बनकर, मुल्क की करें तरक्की - अख्तर
“आज़ क्या हैं आप, जरा सोचिये“ की सोच के साथ, मिल्ली कौंसिल राजस्थान का इजलास सम्पन्न
2 अक्टूबर गांधी जयन्ती के अवसर पर कमला नेहरू नगर स्थित मौलाना आजाद ऑडिटोरियम जोधपुर में गुरूवार को मिल्ली कौंसिल राजस्थान की अल्पसंख्यक समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक विकास एवं मदरसों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 100 करोड़ के प्रावधान के सफल क्रियान्वयन के विषय चर्चा आयोजित की गई।
इस बैठक में मिल्ली कौंसिल के जनरल सैक्रट्री अब्दुल कय्यूम अख्तर ने कहा कि लव जेहाद और आतंकवाद के नाम पर आज मदरसों को टारगेट किया जा रहा है। देश के मुसलमानों को आपस के इख्तलाफ और वर्गो में न बंटकर, एक होकर, कड़ी मेहनत करके मुल्क का नाम रोशन करना चाहिए एवं नौजवान जॉब ऑपरचूनिटी व हुनरमंद बनकर, मुल्क की तरक्की करें।
जयपुर के अब्दुल लतीफ आरको ने मुसलमानों को आपस के मतभेद भुलाकर एकजुट होकर, काम करने का पैगाम दिया। भीलवाडा के जवहरी खान मंसूरी ने केन्द्र एवं राज्य की सरकारी योजनाओं के लाभ गांव तक पहंुचाने की बात की। जयपुर के जमील अहमद ने कहा कि हम एक राजनैतिक पार्टी की तरफ न देखें, दूसरे लोगों को भी सपोर्ट करें। तभी वे आपके काम आयेगें। मोहम्मद रफीक गारनेट ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सामाजिक भागीदारी के साथ व्यावसायिक रूप से कौम अपना इदारा (संस्थान) स्वंय स्थापित करें। चीफ कंजरवेटिव ऑफिसर इस्हाक अहमद मुगल ने मुस्लिम समाज के पिछडे़पन, स्कॉलरशिप, क्वालिटी एज्यूकेशन, सरकारी सेवा पदों के बारे में बताया।
सदस्या नाहिदा ने कहा कि कॉलेज एज्यूकेशन, बीएड़ कोटे ओर इससे जुड़ी समस्याओं का हला निकालने को कहा। सदस्य मोहम्मद आमिर ने बगैर जनरल सीट की मेरिट के उर्दू विषय की अनिवार्यता के साथ मुस्लिम 2500 पैराटीचर को उर्दू शिक्षक पदों पर भर्ती करने की सिफारिश की। मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष शब्बीर अहमद खिलजी ने 21 करोड़ की मुस्लिम आबादी के सर्वधर्म सम्पन्न देश भारत, के निरन्तर हो रहे विकास में सक्रिय भागीदारी के साथ, जागरूकता से जुड़ने को कहा। सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल अजीज ने देश के मुसलमानों से पूरी ईमानदारी और सभी जाति व समुदायों के लोगों की आपसी एकता के साथ कौमी एकता का पेगाम देने को कहा। सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने कहा कि हमें समस्याओं का विश्लेषण व वर्गीकरण करके अलग-अलग सलाहियतों के लोगों को जिम्मेदारी देकर विज़न बनाकर, उनका हल निकालना चाहिए। संचालन मुज़ाहिद अली नक़वी ने किया।
चर्चा में मसरअली, अनवार अहमद, सलीम भिण्ड़ारा, इब्राहीम मंसूरी, दानिश एवं प्रदेष के जिम्मेदार औहदेदारों व समस्त सोसायटी सदस्यों ने शिर्कत की।