ईदुल अज्हा के मौके पर
जम्मू-कश्मीर बाढ़ पीडि़तों की मदद के लिए
कुरबानी की 200 भेड़ें रवाना
ईदुल अज्हा के नेक मौके पर जोधपुर के मुसलमानो की ओर से जम्मू कश्मीर बाढ हादसे में मारे गये लोगों के परिजनों एवं पीडि़त लोगों की मदद के मकसद से 200 भेडें कुरबानी के लिए सड़क परिवहन से रवाना की गई। मुस्लिम समाज के जिम्मेदार अबरार चुंदड़ीगर व अब्दुर्रहमान खिलजी ने जानकारी दी कि देश के कई जगहों से निजी स्तर पर कश्मीर पहुंच रही मदद की कड़ी में जोधपुरवासियो ने एक ओर नई पहल करते हुए अपनी इदुल अज्हा पर की जाने वाली कुरबानी को खुद के घर पर न करके वो कुरबानी जम्मू-कशमीरवासिायों के लिए देने का फैसला किया हैं।
इसी मकसद से जोधपुर के विभिन्न इलाकों से कुरबानी के लिए लोगों द्वारा दी गई राशि से दो सौ भेड़ें खरीदी गई। कश्मीर के प्रत्यक्षदर्शी जोधपुर के मुस्लिम सहायता समुह ने केन्द्र व राज्य सरकार से ज़मीनी स्तर पर ज्यादा से ज्यादा कारगर मदद करने की अपील करते हुए कहा कि वहां के लोगों की पहली प्राथमिकता सर्दी से बचाव के लिए कम्बल, खाने के लिए चावल, रोजागर एवं पैसा है। साथ ही वहां फैली गंदगी को अतिशीघ्र दूर करवाना भी स्वास्थ्य कारणों से जरूरी हैं।
कश्मीर में मौजूद “जम्मू-कश्मीर फ्लड़ रिलीफ फण्ड जोधपुर” के प्रतिनिधियों का समूह इस कुरबानी को ईदुल अज्हा पर वहां के पीडि़त परिवारों में बंटवायेगा। इस ईद पर राष्ट्रीय स्तर की इस मुहिम में अधिकतम सहायता करने की अपील करते हुए शब्बीर अहमद खिलजी, मोहम्मद अतीक, अबरार चुंदड़ीगर, अब्दुर्रहमान खिलजी, निसार अहमद खिलजी, अब्दुल वहीद बैलिम, अब्दुल्लाह खालिद कुरैशी, फिरोज काजी, रऊफ अंसारी, शकील खिलजी, अब्दुल रहीम मोदी, नौशाद खान सहित कई सदस्यों ने सहभागिता निभाई।